संपर्क करे

संपर्क करें :- अमोल मालूसरे : मो 9752396665
छत्तीसगढ़ के सांसद लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
छत्तीसगढ़ के सांसद लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

सोमवार, 27 अक्टूबर 2025

हमन ल चाही कि स्कूल, दफ्तर, अउ घर मं छत्तीसगढ़ी मं बात करन ल बढ़ावा देवव… आवव सब मिल के कसम खावव अपन छत्तीसगढ़ी बोली ल जगे रखबो, बढ़ाबो अउ अगली पीढ़ी तक पहुँचा देबो।

मोर माई-बाप, दाई-ददा, अउ गाँव-घरसू लोगन…

छत्तीसगढ़ी भाषा सिरिफ बात करे के साधन नइए, ये त हमर पहिचान, संस्कृती, अउ आत्मा के गंध आय। मोर माई-बाप, दाई-ददा, अउ गाँव-घरसू लोगन अपन भावना यही बोली मं उझरथें, हँसथें, गुनगुनाथें।

याद रखव – जेन समाज अपन भाषा ला…

आज के जमाना मं लोगन अंग्रेजी अउ हिन्दी के चमक मं अपन माटी के बोली ल भुलावत जावत हैं। पर याद रखव – जेन समाज अपन भाषा ल भुला देथे, ओ अपन जड़ ल खो देथे।

छत्तीसगढ़ी मां आत्मा बसथे।

छत्तीसगढ़ी मं अपनपन हे, मिठास हे, अउ अपन संस्कृति के सुघ्घर परछी आय। लोकगीत, पंडवानी, ददरिया, सुवा नाच ये सब मं छत्तीसगढ़ी के आत्मा बसथे।

हमन ल चाही कि स्कूल, दफ्तर, अउ घर मं छत्तीसगढ़ी मं बात करन ल बढ़ावा देवव।

बच्चा मन ल सिखावव कि ये भाषा हमर अभिमान आय।

अखबार, गीत, कविता, अउ नाटक मं छत्तीसगढ़ी ल जगे रहिबे देवव।आवव सब मिल के कसम खावव अपन छत्तीसगढ़ी बोली ल जगे रखबो, बढ़ाबो अउ अगली पीढ़ी तक पहुँचा देबो।

निवेदन 🙏 सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्त यामिनी मैथिल संपर्क करो मो 88151 19232

सोमवार, 20 अक्टूबर 2025

"छत्तीसगढ़ी भाषा हमर संस्कृति ला बचाए बर काबर जरूरी हे" ए विषय के विश्लेषण प्रस्तुत करत हंव: मोर विचार ल पढ़ लो संगवारी हो..!

 

छत्तीसगढ़ी भाषा: हमर संस्कृति के आत्मा हरे, हमर अधिकार हे, हमर जिम्मेदारी घलो हे!

छत्तीसगढ़ी भाषा सिरिफ बात करे के जरिया नइ, ए हमर पहिचान, परंपरा, लोककला, अउ सामाजिक संबंध के गहिरा जड़ आय। जब भाषा जिंदा रहिथे, त संस्कृति घलो जिंदा रहिथे। ऐ सेती छत्तीसगढ़ी भाषा ला बचाए अउ बढ़ाए बर काम करना बहुत जरूरी हे। छत्तीसगढ़ के निवासी हन एकरसेती छत्तीसगढ़ी भाषा के सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करें के जिम्मेदारी हरम आय ! जेनला हमला पूरा करना हे।

🌾 1. संस्कृति के वाहक अऊं आधार हे मोर छत्तीसगढ़ी भाषा!

छत्तीसगढ़ी म लोकगीत, कहिनी, बइठका, नाचा, करमा, सुआ, पंडवानी जइसन परंपरा हावय। ए सब म हमर भाषा के मिठास अउ भाव छिपे रहिथे। अगर भाषा कमजोर हो जाही, त ए परंपरा मन घलो धीरे-धीरे मिट जाही। एंकर सेती हमला समय रहित ले छत्तीसगढ़ी भाषा के सर्वांगीण विकास करे बर पहल करे पढ़ई हमर छत्तीसगढ़ी भाषा ला महत्व देय का पढ़ई!

👪 2. सामाजिक जुड़ाव के जरिया मोर छत्तीसगढ़ी भाषा!

गांव-गांव म लोग छत्तीसगढ़ी म अपन भावना, दुख-सुख, परामर्श, अउ अपन अनुभव बांटथें। छत्तीसगढ़ी भाषा म अपनापन हे, जेन मनखे ला एक-दूसर संग जोड़े रखथे। हमन दुनिया के कोनो भी कोना रहान हमर संस्कृति से हमला छत्तीसगढ़ी भाषा ही जोड़थे! हमर छत्तीसगढ़ महतारी के माटी के महक हमर अंदर जिंदा रखते!

📚 3. शिक्षा अउ जागरूकता म उपयोगी हे मोर छत्तीसगढ़ी भाषा!

अगर सरकारी योजना, अधिकार, कानून, अउ जानकारी छत्तीसगढ़ी म मिलही, त आम जनता जल्दी समझ सकही। ए भाषा म प्रशिक्षण, पोस्टर, वीडियो बनाके जनजागरूकता बढ़ाय जा सकथे। एखरे सेती हमन छत्तीसगढ़ी भाषा प्रचार प्रसार अभियान चलाकर अपन योगदान देत हन अऊ मोर छत्तीसगढ़ महतारी के आत्मा छत्तीसगढ़ी भाषा ला सरकारी कामकाज के भाषा बनाये बर समर्पित होकर काम करत हन।

🧠 4. बच्चा मन के सीखई म मददगार हे मोर छत्तीसगढ़ी भाषा!

बच्चा मन अपन माई-दादी के बोली म ये दुनिया ला समझे के शुरवात करथे एखर सेती लइका मन के पढ़ई ला छत्तीसगढ़ी मा समझाओ, त ओमन जल्दी समझथें, अपन संस्कृति संग जुड़थें, अउ लैका मन मा आत्मविश्वास बढ़थे। एकर सेती जरूरी हे कि प्रारंभिक शिक्षा मा छत्तीसगढ़ी भाषा होना चाहिए..!

🎭 5. मोर मनोभावना से संवाद मोर छत्तीसगढ़ी भाषा करथे!

छत्तीसगढ़ी भाषा ल महत्व देय के मंच मा हमर संस्कृति और लोककला के विस्तार होथे लोककला अउ रचनात्मकता के विकासछत्तीसगढ़ी म कविता, कहानी, नाटक, गीत लिखे जाथे। ए भाषा कलाकार मन ला अपन भाव प्रकट करे के मंच देथे।

🛡️ 6. छत्तीसगढ़ के अस्तित्व मोर छत्तीसगढ़ी भाषा बचा सकता हे!

भाषा बचाना मतलब संस्कृति बचाना हे अगर हमन छत्तीसगढ़ी ला स्कूल, मीडिया, सरकारी काम म जगह देबो, त हमर संस्कृति ला घलो सम्मान मिलही। भाषा के संरक्षण मतलब पीढ़ी दर पीढ़ी अपन परंपरा के जिंदा रखे के है। हम दुसर भाषा ला शिक्षण संस्थान मा जगह दें हन अऊं हमर छत्तीसगढ़ी ले अपन लइका मन से दूर कर दे हन। एखर सेती लइका मन मोर छत्तीसगढ़ी भाषा से दूर होत जात हे जो व्यथनीय हे 

✊ मोर मानना है गा,:

छत्तीसगढ़ी भाषा ला बचाना, बढ़ाना अउ सम्मान देना हमर जिम्मेदारी हे। ए सिरिफ बोली नइ, ए हमर आत्मा, हमर इतिहास, अउ हमर भविष्य आय। जब तक छत्तीसगढ़ी बोलाय जाथे, तब तक हमर संस्कृति के दीप जलत रहिथे।

संगवारी हो… मोर संग चलो..! 

हमन मन मिलके जनजागरूकता पोस्टर, वीडियो स्क्रिप्ट, लेख सामग्री घलो सोशल मीडिया में डालत जाबो– आऊं "छत्तीसगढ़ी के विकास प्रचार प्रसार अभियान" मा अपन योगदान देत जाबो "हमर बोली, हमर शान आय"। बतावव, मोर साथ देवों ना अप मन? मोर संग चलाओ ना आप मन?

मेह मोर महतारी भाखा बर समर्पित हूं गा मोर साथ आप मन भी देव गा! अमोल मालूसरे


सोमवार, 25 मार्च 2024

मेरी छत्तीसगढ़ी भाषा को छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय कार्यालयों के कामकाज की भाषा बनाए के लिए किया जा रहा मेरा प्रयास... गेंदा फूल से प्रेरित होता है... जैसे गेंदा फूल में सभी को बांधे रखने की क्षमता है... वैसे ही छत्तीसगढ़ी भाषा को महत्व दिलाने के लिए हम सभी को जुड़ना पड़ेगा... पढ़िए एक लेख...

 गेंदा फूल के महत्व को जानना और समझना आवश्यक तो नहीं है लेकिन अगर हम गेंदा फूल के महत्व को समझ लेंगे तो... मेरी छत्तीसगढ़ी भाषा को प्रदेश सरकार के कार्यालयों में कामकाजी भाषा का महत्व मिल जायेगा....

मेरी परिकल्पना गेंदा फूल और CVPPSA 

मेरे छत्तीसगढ़ के लिए गेंदा फूल का महत्व बेहद मायने रखता है क्योंकि छत्तीसगढ़ वासियों के संवेदनापूर्ण परिकल्पना ने ही ससुराल गेंदे फूल जैसी अर्थपूर्ण परिकल्पना को जन्म दिया है जिसके दो कारण है :

पहला : पारिवारिक एकता 

गेंदा फूल दरअसल एक फूल नहीं बल्कि बहुत से फूलों का एक समूह है। गोंदा फूल की वैज्ञानिक परिभाषा पर अगर जाये तो गेंदे के फूल की... प्रत्येक पंखुड़ी दरअसल पंखुड़ी नहीं बल्कि अपने आप में एक फूल होता है। उल्लेखनीय है कि, गेंदे का एक फूल तभी पूरा होता है या सुंदर तभी लगता है… जब उसकी हर पंखुड़ी विकसित होकर आपस में बँधी हुई हो, एक दूसरे से जुड़ी हुई हो और सभी फूलों का अपना अलग अस्तित्व भी नजर आता हो… ससुराल भी, एक ऐसी जगह है जिसमें बहुत से चरित्र हैं - सास, ससुर, देवर, ननद आदि; वास्तविक यह है कि, इनमे से कुछ संबंध स्वाभाविक तौर पर कड़वे हैं… तो कुछ मीठे भी हैं ! पर नई वधु यही उम्मीद लेकर ससुराल आती है कि, उसका ससुराल सुंदर होगा और सभी को वो एक साथ में लेकर चलेगी जैसे कि, गेंदे का फूल का संगठनात्मक अस्तित्व होता है। जो इतने सारे फूलों को एक साथ बांधकर सुंदरता, एकता, अखंडता का अनुभव करता है इसलिए भगवान के दरबार में गेंदा फूल का अग्रणी स्थान होता है और अंतिम यात्रा में भी मेरा गोंदा फूल ही मृत देह का साथी होता है ।

दूसरा कारण : भावनाएं !

छत्तीसगढ़ की स्मृतियों में रची बसी दूसरी भावनात्मक परिकल्पना के अनुसार छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में रहने वाले युवक-युवतियाँ अपने प्रेमी/प्रेमिका को "गोंदा फूल" (वहाँ गेंदे को गोंदा कहते हैं) कह कर भी बुलाते हैं क्योंकि इसके खिलने का समय बसन्त होता है और इसे प्यार का मौसम भी माना जाता है। 

उल्लेखनीय है कि, उक्त दोनों प्रेरणादाई कल्पनायें मेरी स्मृतियों का अभिन्न हिस्सा है और ऐसे ही परिकल्पनाओं ने मुझे छत्तीसगढ़ी भाषा को कामकाजी भाषा बनाने के लिए सतत प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित करती रहती है ।

मेरी छत्तीसगढ़ी भाषा के लिए समर्पित मैं अमोल मालुसरे 

बुधवार, 12 जुलाई 2023

अनुभव साझा हुए... छत्तीसगढ़ के सभी संसद सदस्यों ने छत्तीसगढ़ी भाषा के सर्वांगीण विकास के लिए अग्रणी भूमिका निभाने वाली "CVPPSA" को मिलने का समय दिया, अपने अनुभव साझा किए तथा "CVPPSA" की कार्य योजना की समीक्षा भी की व मार्गदर्शन किया ।

 

छत्तीसगढ़ी भाषा के सर्वांगीण विकास के लिए अग्रणी प्रयास करने वाली "CVPPSA" दिल्ली पहुंच गई है l

 आग्रह किया गया

 लोकसभा और राज्य सभा में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसदों से मुलाकात करके "CVPPSA"  ने छत्तीसगढ़ी भाषा को प्रदेश की "प्रमुख कामकाजी भाषा" बनाने का आग्रह किया है सभी सांसदों ने अपने व्यस्ततम समय में से समय निकालकर "CVPPSA" को समय दिया और "CVPPSA" कार्य योजना को जाना और समझा 

मिला वैचारिक समर्थन

छत्तीसगढ़ी भाषा को महत्व दिलवाकर उसको छत्तीसगढ़ राज्य के प्रशासकीय कार्यों को अग्रणी भाषा बनाने के लिए "CVPPSA" के प्रयासों को विगत दिनों के प्रयासों में केंद्र और राज्य सरकार का वैचारिक समर्थन मिला है जिससे छत्तीसगढ़ी भाषा को प्रदेश की मुख्य कामकाजी भाषा बनाने के प्रयासों को सकारात्मक दिशा मिल गईं है

श्री अरुण साव जी माननीय सांसद बिलासपुर ने "CVPPSA" के प्रयासों को जानने के लिए समय दिया

श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत जी माननीय सांसद कोरबा छत्तीसगढ़ ने अपने दिल्ली निवास में #cvppsa के द्वारा छत्तीसगढ़ी भाषा को प्रमुख कामकाजी भाषा बनाए जाने के लिए की जाने वाली आवश्यक कार्यवाहियों को बताने के लिए समय दिया और अपने अनुभव भी साझा किये

श्री विजय बघेल जी माननीय सांसद दुर्ग ने छत्तीसगढ़ी भाषा के लिए किये जा रहे प्रयासों के कार्य योजना की जानकारी ली और CVPPSA के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मार्गदर्शन किया  

श्रीमती फूलो देवी नेताम जी माननीय राज्य सभा सांसद छत्तीसगढ़ ने अपने दिल्ली निवास पर  छत्तीसगढ़ी भाषा को कामकाजी क्षेत्र की अग्रणी भाषा बनाए जाने के लिए #cvppsa के कार्यों की जानकारी ली और शुभकामनाएं दी

श्री सुनील कुमार सोनी जी माननीय सांसद रायपुर ने अपने दिल्ली निवास में बातचीत की और  छत्तीसगढ़ी भाषा को कामकाजी भाषा बनाए जाने के विषय पर #cvppsa द्वारा अब तक किए गए कार्यों के विषय पर चर्चा की तथा  अपने अनुभव भी बताए और मार्गदर्शन किया

श्री संतोष पाण्डेय जी, माननीय सांसद राजनांदगांव छत्तीसगढ़ ने अपने दिल्ली निवास  पर छत्तीसगढ़ी भाषा को कामकाजी भाषा बनाए जाने के सन्दर्भ में #cvppsa द्वारा किये जा रहे सकारात्मक पहल पर बातचीत की

श्री मोहन मंडावी जी, माननीय सांसद कांकेर छत्तीसगढ़ ने अपने दिल्ली निवास पर समय देकर छत्तीसगढ़ी भाषा के सर्वांगीण विकास करने के लिए चर्चा की और अपने अनुभव साझा किए तथा #cvppsa द्वारा छत्तीसगढ़ी भाषा के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली

श्रीमती गोमती साय जी माननीय सांसद रायगढ़ छत्तीसगढ़ ने अपने दिल्ली निवास पर छत्तीसगढ़ी भाषा के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे #cvppsa के प्रयासों को जानने तथा  बातचीत करने के लिए समय दिया एवं चर्चा की

श्री चुन्‍नी लाल साहू जी माननीय सांसद महासमुंद ने अपने दिल्ली निवास में छत्तीसगढ़ी भाषा को कामकाजी भाषा के रूप में महत्व दिलाए जाने के लिए आवश्यक विषयों पर #cvppsa से चर्चा की और छत्तीसगढ़ी भाषा के सर्वांगीण विकास के लक्ष्य को हासिल करने की रूपरेखा को जाना

------------------------

प्रदेश स्तर पर भी मिला महत्त्व

 

छत्तीसगढ़ राज्य के गृह मंत्री माननीय ताम्रध्वज साहू जी ने भी छत्तीसगढ़ी भाषा को प्रशासकीय महत्त्व दिए जाने के विषय पर किये जा रहे CVPPSA के प्रयासों को जानने के लिए समय दिया  

----------------------

दुर्ग जिले के विधायकों ने भी समय दिया और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी

दुर्ग शहर के विधायक अरुण वोरा जी ने छत्तीसगढ़ी भाषा को मुख्य कामकाजी भाषा बनाये जाने के प्रयासों को जानने के लिए समय दिया 

भिलाई नगर के विधायक देवेन्द्र यादव जी ने छत्तीसगढ़ी भाषा के सर्वांगीण विकास के लिए CVPPSA के द्वारा किये जा रहे प्रयासों के बारे में जानने के लिए समय दिया और इस विषय पर किये जा रहे प्रयासों की कार्ययोजना पर चर्चा करने के लिए पुनः समय देने के आग्रह को महत्त्व दिया


मंगलवार, 20 दिसंबर 2022

-: प्रेस विज्ञप्ति :- दिल्ली में सांसदों से हुई मुलाकात ! अब छत्तीसगढ़ी का होगा सर्वांगीण विकास

 

छत्तीसगढ़ी भाषा के सर्वांगीण विकास के लिए अग्रणी प्रयास करने वाली "CVPPSA" दिल्ली पहुंच गई है l

 आग्रह किया गया

 लोकसभा और राज्य सभा में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसदों से मुलाकात करके "CVPPSA"  ने छत्तीसगढ़ी भाषा को प्रदेश की "प्रमुख कामकाजी भाषा" बनाने का आग्रह किया है सभी सांसदों ने अपने व्यस्ततम समय में से समय निकालकर "CVPPSA" को समय दिया और "CVPPSA" कार्य योजना को जाना और समझा 

अनुभव साझा हुए

छत्तीसगढ़ के सभी संसद सदस्यों ने छत्तीसगढ़ी भाषा के सर्वांगीण विकास के लिए अग्रणी भूमिका निभाने वाली  "CVPPSA" को मिलने का समय दिया, अपने अनुभव साझा किए तथा "CVPPSA" की कार्य योजना की समीक्षा भी की व मार्गदर्शन किया ।

मिला वैचारिक समर्थन

छत्तीसगढ़ी भाषा को महत्व दिलवाकर उसको छत्तीसगढ़ राज्य के प्रशासकीय कार्यों को अग्रणी भाषा बनाने के लिए "CVPPSA" के प्रयासों को विगत दिनों के प्रयासों में केंद्र और राज्य सरकार का वैचारिक समर्थन मिला है जिससे छत्तीसगढ़ी भाषा को प्रदेश की मुख्य कामकाजी भाषा बनाने के प्रयासों को सकारात्मक दिशा मिल गईं है

श्री अरुण साव जी माननीय सांसद बिलासपुर ने "CVPPSA" के प्रयासों को जानने के लिए समय दिया

श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत जी माननीय सांसद कोरबा छत्तीसगढ़ ने अपने दिल्ली निवास में #cvppsa के द्वारा छत्तीसगढ़ी भाषा को प्रमुख कामकाजी भाषा बनाए जाने के लिए की जाने वाली आवश्यक कार्यवाहियों को बताने के लिए समय दिया और अपने अनुभव भी साझा किये

श्री विजय बघेल जी माननीय सांसद दुर्ग ने छत्तीसगढ़ी भाषा के लिए किये जा रहे प्रयासों के कार्य योजना की जानकारी ली और CVPPSA के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मार्गदर्शन किया  

श्रीमती फूलो देवी नेताम जी माननीय राज्य सभा सांसद छत्तीसगढ़ ने अपने दिल्ली निवास पर  छत्तीसगढ़ी भाषा को कामकाजी क्षेत्र की अग्रणी भाषा बनाए जाने के लिए #cvppsa के कार्यों की जानकारी ली और शुभकामनाएं दी

श्री सुनील कुमार सोनी जी माननीय सांसद रायपुर ने अपने दिल्ली निवास में बातचीत की और  छत्तीसगढ़ी भाषा को कामकाजी भाषा बनाए जाने के विषय पर #cvppsa द्वारा अब तक किए गए कार्यों के विषय पर चर्चा की तथा  अपने अनुभव भी बताए और मार्गदर्शन किया

श्री संतोष पाण्डेय जी, माननीय सांसद राजनांदगांव छत्तीसगढ़ ने अपने दिल्ली निवास  पर छत्तीसगढ़ी भाषा को कामकाजी भाषा बनाए जाने के सन्दर्भ में #cvppsa द्वारा किये जा रहे सकारात्मक पहल पर बातचीत की

श्री मोहन मंडावी जी, माननीय सांसद कांकेर छत्तीसगढ़ ने अपने दिल्ली निवास पर समय देकर छत्तीसगढ़ी भाषा के सर्वांगीण विकास करने के लिए चर्चा की और अपने अनुभव साझा किए तथा #cvppsa द्वारा छत्तीसगढ़ी भाषा के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली

श्रीमती गोमती साय जी माननीय सांसद रायगढ़ छत्तीसगढ़ ने अपने दिल्ली निवास पर छत्तीसगढ़ी भाषा के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे #cvppsa के प्रयासों को जानने तथा  बातचीत करने के लिए समय दिया एवं चर्चा की

श्री चुन्‍नी लाल साहू जी माननीय सांसद महासमुंद ने अपने दिल्ली निवास में छत्तीसगढ़ी भाषा को कामकाजी भाषा के रूप में महत्व दिलाए जाने के लिए आवश्यक विषयों पर #cvppsa से चर्चा की और छत्तीसगढ़ी भाषा के सर्वांगीण विकास के लक्ष्य को हासिल करने की रूपरेखा को जाना

------------------------

प्रदेश स्तर पर भी मिला महत्त्व

 

छत्तीसगढ़ राज्य के गृह मंत्री माननीय ताम्रध्वज साहू जी ने भी छत्तीसगढ़ी भाषा को प्रशासकीय महत्त्व दिए जाने के विषय पर किये जा रहे CVPPSA के प्रयासों को जानने के लिए समय दिया  

----------------------

दुर्ग जिले के विधायकों ने भी समय दिया और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी

दुर्ग शहर के विधायक अरुण वोरा जी ने छत्तीसगढ़ी भाषा को मुख्य कामकाजी भाषा बनाये जाने के प्रयासों को जानने के लिए समय दिया 

भिलाई नगर के विधायक देवेन्द्र यादव जी ने छत्तीसगढ़ी भाषा के सर्वांगीण विकास के लिए CVPPSA के द्वारा किये जा रहे प्रयासों के बारे में जानने के लिए समय दिया और इस विषय पर किये जा रहे प्रयासों की कार्ययोजना पर चर्चा करने के लिए पुनः समय देने के आग्रह को महत्त्व दिया



लोकप्रिय पोस्ट